Source of Beliefs, Thoughts & Behavior! – Dipaali Life

हम किसी भी इंसान को मिलते है तब पुरे एक Package के साथ मिलते है लेकिन  हमें वो Package पता नहीं होते क्योंकि हमारा सामना ऊपर ऊपर से दिख रहे इंसान और उनके व्यव्हार से होता है ! हमें कभी कभी मालूम ही पड़ता है की जो इंसान ऊपर ऊपर से इतना शांत दिखने वाला इंसान इतना गुस्सा क्यूँ  कर लेता है ! या बहार से तो बहोत ही आकुलव्याकुल दिखने वाला इंसान इतना उदार और दयालु भी हो सकता है ! यानि की हम कभी भी कोई भी इंसान को judge नहीं कर सकते और करना भी नहीं चाहिए

लेकिन यहाँ हर इंसान के हर छोटे से छोटे Behavior के पीछे मुलभुत बहोत ही बड़े कारन पड़े होते है और जैसे ही वो मुलभुत कारन के बारें में हमें पता चलने लगता है तब वो इंसान को और उनके Behavior को और अच्छे से समज पाते  है ! अरे खुद इंसान अपने Behavior के पीछे के कारन को जान लेता है तो स्वयं ही अपने आप पर काम करके उसमे और सुधर ला सकता है !

आईये जाने इंसान की Behavior के मुलभुत कारन !

सबसे पहला कारन है Education :

इंसान ना  तो सिर्फ किताबों से Specific subject में डिग्री लेके कुछ सीखता है बल्कि जीवन के हर पेहलु में उम्रभर कुछ ना कुछ Direct  या तो Indirect सीखता रहता है ! चाहे वो कोई घटना घटी  उससे सीखा हो या तो कोई व्यक्ति के व्यव्हार या वाणी को अनुकरण करके शिखा हो ! Example : किसी के घर में आसानी से  झूठ बोल कर लोगो को बेवकूफ बनाने की प्रथा चलती है तो किसी घर में किसी भी जरुरतमंद को मदद करना एक स्वभाव है ! वैगर जैसे अलग अलग व्यव्हार इंसान बचपन से कोई भी घटना या तो उनसे जुड़े हर व्यक्ति के पास से हर पल सीखता रहता है ! ये  शिखना (एजुकेशन) ज्यादातर परोक्ष होते हुए भी इंसान की जिंदिग में एक गेहरी छाप छोड़के जाता है !

ये Indirect Education जीवनपर्यन्त चलता रहता है ! इस प्रकार जाने अनजाने में जीवनपर्यन्त मिल रहे  Education से हमारी जिंदगी के प्रति एक Belief बनाना शुरू होती हैऔर जो हमारे जीवन केBehavior को तय करती है और हमारा Behavior हमारी जीवन की सफलता और निष्फलता तय करता है !   

दूसरा कारन है  Environment :

इंसान जहा पे रहता है वो  City, State & Country की बोली, सोच, Food Habits  और पहनावा उनके जीवन में प्रभावित करता है ! जैसे की किसी के लिए Non-Veg खाना सही है तो किसी के लिए Vegetarian होना सही है ! किसी के लिए Western Cloths पहनना बड़ा ही आम है जबकि किसी के लिए वो खास हो जाता है ! किसी किसी घरो में असभ्य वाणी और व्यव्हार  बड़ा सामान्य है तो किसी घर में असामन्य हो जाता है ! तो ये सारे उदहारण जहाँ पे व्यक्ति रेहता है वहां पे कैसा Culture है उसके ऊपर इंसान की अपनी भी एक Belief  बनती जाती है जो आगे जाके इंसान का स्वभाव बन जाता है !

तीसरा कारन है Experience :

जीवनव्यवहार में आये दिन हर इंसान को कोई न कोई घटना के कारन कोइ न कोई इंसान के प्रति कुछ न कुछ अनुभव होते ही रहते है ! और एक अनुभव अलग होते है लेकिन यही अनुभव को में दो हिस्सों में देखु तो एक प्रकार के अनुभव होते है जोकि Favorable होते है जब की दूसरे प्रकार के अनुभव होते है की जो Non favorable होते है ! हमारा कोई घटना में किसी व्यक्ति, जाती, या समुदाय के साथ Favorable होते ही हम वो इंसान या तो जाती और समुदाय के प्रति एक Positive Opinion बना लेते है जब की ठीक उससे उल्टा हमें कोई भी व्यकित या तो जाती और समुदाय के प्रति Non-Favorable

अनुभव होता है तब उन्ही लोगों के प्रति Negative Opinion बना लेते है ! तो किसी के लिए Mr. X बहोत ही अच्छा और सही इंसान हो सकता है तो किस और के लिए वोही Mr. X बहोत ही बुरा इंसान साबित हो सकता है ! वैसे ही कोई जाती, देश या समुदाय के लिए भी हमारी Belief होती है जो हमारे या तो हमारे इर्दगिर्द लोगो के अनुभवों के आधार पर बन जाती है !

ये तीन “E ” ही हमारे Beliefs, Thoughts & Behavior के source होते है जहाँ से हम इंसान या घटना को Evaluate करते रहते है ! ये Evluation हमारी जिंदिगी की Success या Failure का कारन बन जाती है ! ये छोटी छोटी घटनाएँ हमारे पुरे जीवन को बदल कर रख सकती है तो इसे कैसे जागरत अवस्था में सुधार  करे और जाने अनजाने में हमारे जीवन पर हो रहे प्रभाव को हम हकारत्मक परिणाम के लिए इस्तेमाल करे ?

तीन “E ” के हमारे जीवन में हकारात्मक प्रभाव लेन की Techniques हम अगले Blog में शिखेंगे !

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